भारत की वाहन स्क्रैपेज नीति पुराने और अनुपयुक्त वाहनों को सुरक्षित तरीके से हटाने, सड़क सुरक्षा में सुधार करने और ऑटोमोबाइल सामग्रियों के पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने की सरकारी पहल है। यदि आपकी कार 15 साल पुरानी हो गई है, उसकी मरम्मत पर लगातार खर्च हो रहा है या आप नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इस नीति के नियम और संभावित लाभ समझना जरूरी है।
वाहन स्क्रैप कराने पर आपको उसकी स्क्रैप वैल्यू मिल सकती है। पात्र मामलों में नए वाहन के पंजीकरण शुल्क और मोटर वाहन कर में भी छूट मिल सकती है। हालांकि, ये लाभ हर वाहन मालिक को अपने आप नहीं मिलते। वाहन की श्रेणी, राज्य के नियम, Certificate of Deposit और लागू सरकारी अधिसूचनाएं महत्वपूर्ण होती हैं।
एक और बात ध्यान देने योग्य है: भारत में हर निजी कार के लिए केवल 15 साल की उम्र पूरी होने पर अनिवार्य स्क्रैपिंग का एक समान राष्ट्रीय नियम नहीं है। दिल्ली-NCR में पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों को लेकर विशेष कानूनी प्रतिबंध और समय-समय पर जारी निर्देश स्थिति को अलग बना सकते हैं।
इस लेख में जानिए कि भारत की वाहन स्क्रैपेज नीति 2026 क्या है, पुरानी कार कब स्क्रैप करानी चाहिए, स्क्रैपिंग पर कितना पैसा मिल सकता है, नई कार खरीदने पर कौन-सी छूट उपलब्ध हो सकती है और पूरी प्रक्रिया कैसे पूरी करें।

भारत की वाहन स्क्रैपेज नीति 2026 के तहत पुरानी कार स्क्रैप कराने की प्रक्रिया, संभावित टैक्स छूट, पंजीकरण शुल्क में राहत और पर्यावरणीय फायदे जानें।
भारत की वाहन स्क्रैपेज नीति क्या है?
भारत की वाहन स्क्रैपेज नीति, जिसे Vehicle Scrappage Policy भी कहा जाता है, पुराने, अनुपयुक्त और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को व्यवस्थित तरीके से हटाने तथा उनके सुरक्षित निपटान को प्रोत्साहित करने वाली व्यवस्था है।
केंद्र सरकार ने इस नीति के लिए पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाओं (Registered Vehicle Scrapping Facilities या RVSFs) और ऑटोमेटेड फिटनेस परीक्षण केंद्रों जैसी व्यवस्थाओं को बढ़ावा दिया है।
नीति के प्रमुख उद्देश्य हैं:
- अनुपयुक्त वाहनों को सड़क से हटाने के लिए व्यवस्थित व्यवस्था विकसित करना।
- सड़क सुरक्षा और वाहन फिटनेस को बेहतर बनाना।
- स्टील, एल्युमिनियम और अन्य उपयोगी सामग्रियों का पुनर्चक्रण बढ़ाना।
- खतरनाक तरल पदार्थों, बैटरियों और अन्य घटकों के सुरक्षित निपटान को प्रोत्साहित करना।
- पुराने वाहन के मालिकों को पात्रता के अनुसार आर्थिक प्रोत्साहन उपलब्ध कराना।
- ऑटोमोबाइल उद्योग में संसाधनों के दोबारा इस्तेमाल को बढ़ावा देना।
यह नीति केवल वाहन की उम्र पर आधारित नहीं है। वाहन की फिटनेस, पंजीकरण की स्थिति, संबंधित कानून और स्थानीय प्रतिबंध भी महत्वपूर्ण हैं।
सरकारी नियमों के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) और भारत सरकार का वाहन स्क्रैपिंग पोर्टल देखें।
पुरानी कार कितने साल बाद स्क्रैप करनी चाहिए?
इस सवाल का जवाब कार की श्रेणी, पंजीकरण, फिटनेस और उसके इस्तेमाल वाले क्षेत्र पर निर्भर करता है। निजी कार और व्यावसायिक वाहन के नियमों में अंतर हो सकता है।
1. क्या 15 साल पुरानी कार पूरे भारत में स्क्रैप करना अनिवार्य है?
नहीं। पूरे भारत में सभी निजी कारों के लिए केवल 15 साल पूरे होने पर अनिवार्य स्क्रैपिंग का एक समान नियम नहीं है।
निजी गैर-परिवहन कार के पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC) की मूल वैधता सामान्यतः 15 वर्ष होती है। इसके बाद लागू नियमों के अनुसार पंजीकरण नवीनीकरण की पात्रता और आवश्यकताओं की जांच करनी होती है।
लेकिन RC का नवीनीकरण संभव होना और वाहन को किसी विशेष क्षेत्र में चलाने की कानूनी अनुमति मिलना अलग-अलग बातें हैं। स्थानीय प्रतिबंध, फिटनेस, उत्सर्जन मानक और न्यायालय के आदेश भी लागू हो सकते हैं।
इसलिए यदि आपकी कार 15 साल पुरानी है, तो ये तीन बातें जांचें:
- क्या उसकी RC का नवीनीकरण कराया जा सकता है?
- क्या वाहन आवश्यक फिटनेस और अन्य लागू मानकों को पूरा करता है?
- क्या आपके राज्य या शहर में उस वाहन के इस्तेमाल पर कोई विशेष प्रतिबंध है?
इन सवालों का जवाब जाने बिना कार स्क्रैप कराने या उसे दूसरे राज्य में इस्तेमाल करने का निर्णय न लें।
2. दिल्ली-NCR में 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल कार के नियम
दिल्ली-NCR में पुराने वाहनों को लेकर विशेष कानूनी व्यवस्था रही है। सुप्रीम कोर्ट के 29 अक्टूबर 2018 के आदेश के अनुसार, NCR में 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों के चलने पर प्रतिबंध संबंधी निर्देश दिए गए थे।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने 12 अगस्त 2025 को संबंधित उम्र के आधार पर वाहनों के मालिकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई न करने का अंतरिम निर्देश दिया था। इसके बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने संबंधित पुराने वाहनों के संबंध में अपने कुछ निर्देशों के कार्यान्वयन को आगे के आदेश तक स्थगित रखा।
इसलिए दिल्ली-NCR में नियमों की स्थिति को केवल पुराने आदेश के आधार पर नहीं समझना चाहिए। नवीनतम न्यायिक आदेशों, CAQM के निर्देशों और संबंधित परिवहन विभाग की अधिसूचनाओं को देखना जरूरी है।
अक्टूबर 2026 में CAQM की विशेषज्ञ समिति द्वारा पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए नई समय-सीमाएं सुझाए जाने की खबर भी सामने आई है। यह एक प्रस्तावित रोडमैप है; इसे अपने आप लागू हो चुका अंतिम कानून नहीं मानना चाहिए।
संबंधित जानकारी के लिए CAQM की आधिकारिक वेबसाइट और दिल्ली परिवहन विभाग देखें। विशेषज्ञ समिति की प्रस्तावित समय-सीमाओं पर यह रिपोर्ट भी पढ़ी जा सकती है।
दिल्ली-NCR के वाहन मालिकों के लिए सलाह: किसी पुराने वाहन को चलाने, पार्क करने, दूसरे राज्य में ले जाने या स्क्रैप कराने से पहले वर्तमान में लागू आदेशों की पुष्टि करें। किसी अंतरिम राहत को स्थायी अनुमति न समझें।
3. व्यावसायिक वाहनों के लिए क्या नियम हैं?
ट्रक, बस और अन्य परिवहन वाहनों के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र, पंजीकरण, परमिट और लागू मोटर वाहन नियम महत्वपूर्ण हैं।
यदि कोई वाहन निर्धारित फिटनेस परीक्षण में विफल होता है या आवश्यक प्रमाणपत्र की समय-सीमा पूरी होने के बाद लागू प्रक्रिया का पालन नहीं करता, तो उसके संचालन और पंजीकरण पर असर पड़ सकता है।
कुछ श्रेणियों के वाहनों के लिए विशेष प्रावधान भी लागू होते हैं। इसलिए व्यावसायिक वाहन के मालिकों को केवल उसकी उम्र के आधार पर निर्णय लेने के बजाय संबंधित नियमों और फिटनेस आवश्यकताओं की जांच करनी चाहिए।
वाहन स्क्रैपेज नीति के तहत कार स्क्रैप कराने के क्या फायदे हैं?
कार स्क्रैप कराने से आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ मिल सकते हैं। लेकिन वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करते हैं कि वाहन किस श्रेणी का है और कौन-सी छूट या प्रोत्साहन योजना उस पर लागू होती है।
1. पुरानी कार की स्क्रैप वैल्यू मिलती है
अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा वाहन का मूल्यांकन करके मालिक को भुगतान कर सकती है। इसकी रकम वाहन के वजन, धातु की मात्रा, स्थिति और बाजार की कीमत पर निर्भर करती है।
निजी कारों के लिए कोई एक निश्चित सरकारी स्क्रैप दर नहीं है। सरकार के अनुसार, निजी वाहनों की स्क्रैप वैल्यू बाजार की परिस्थितियों और वाहन की स्थिति के आधार पर तय होती है।
इसलिए कार सौंपने से पहले:
- एक से अधिक अधिकृत केंद्रों से मूल्यांकन लें।
- वाहन उठाने और परिवहन का खर्च पूछें।
- सभी कटौतियों और भुगतान की शर्तों को लिखित रूप में लें।
- भुगतान की रसीद और संबंधित प्रमाणपत्र सुरक्षित रखें।
2. नई कार खरीदने पर मोटर वाहन कर में छूट
वाहन स्क्रैपेज नीति के अंतर्गत पात्र Certificate of Deposit (CoD) प्रस्तुत करके नया वाहन पंजीकृत कराने पर मोटर वाहन कर में छूट का प्रावधान है।
केंद्र सरकार की GSR 720(E), दिनांक 5 अक्टूबर 2021, अधिसूचना के अनुसार:
- गैर-परिवहन वाहनों, जैसे निजी कारों, के लिए अधिकतम 25% तक मोटर वाहन कर छूट का प्रावधान है।
- परिवहन वाहनों के लिए अधिकतम 15% तक मोटर वाहन कर छूट का प्रावधान है।
निर्धारित नियमों में यह छूट परिवहन वाहनों के लिए अधिकतम आठ वर्ष और गैर-परिवहन वाहनों के लिए अधिकतम 15 वर्ष की अवधि तक उपलब्ध हो सकती है।
महत्वपूर्ण: ये अधिकतम सीमाएं हैं, हर राज्य में लागू निश्चित छूट नहीं। वास्तविक लाभ राज्य सरकार की अधिसूचना, वाहन की श्रेणी और पात्रता पर निर्भर करता है।
उदाहरण के लिए, यदि किसी निजी कार पर देय मोटर वाहन कर ₹1,00,000 है और संबंधित राज्य में 25% की पूरी छूट लागू होती है, तो संभावित बचत ₹25,000 होगी। यह केवल गणना का उदाहरण है, किसी राज्य में वास्तविक छूट की गारंटी नहीं।
विस्तृत जानकारी के लिए भारत सरकार की वाहन स्क्रैपेज नीति संबंधी अधिसूचना और विवरण देखें।
3. नए वाहन के पंजीकरण शुल्क में छूट
GSR 714(E), दिनांक 4 अक्टूबर 2021, के तहत पात्र Certificate of Deposit प्रस्तुत करने पर नए वाहन के पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करने के शुल्क में छूट का प्रावधान है।
यह मोटर वाहन कर की छूट से अलग है। नई कार खरीदते समय डीलर से दोनों मदों की जानकारी अलग-अलग लें:
- नए वाहन के पंजीकरण प्रमाणपत्र का शुल्क।
- देय मोटर वाहन कर और उस पर लागू छूट।
इससे यह स्पष्ट होगा कि आपके मामले में कौन-से लाभ वास्तव में उपलब्ध हैं।
4. वाहन निर्माता की अतिरिक्त छूट मिल सकती है
कुछ वाहन निर्माता और डीलर स्क्रैपिंग प्रमाणपत्र के आधार पर अतिरिक्त छूट दे सकते हैं। हालांकि, ऐसी छूट की उपलब्धता मॉडल, निर्माता, ऑफर की अवधि और शर्तों पर निर्भर करती है।
पुराने वाहन को स्क्रैप कराने पर पहले घोषित की गई किसी छूट को वर्तमान में उपलब्ध मान लेना सही नहीं है। नई कार बुक करने से पहले संबंधित निर्माता या डीलर से वर्तमान ऑफर की लिखित पुष्टि लें।
5. बार-बार होने वाले मरम्मत खर्च से राहत
यदि पुरानी कार में इंजन, गियरबॉक्स, सस्पेंशन या अन्य महंगे पुर्जों की लगातार मरम्मत करानी पड़ रही है, तो उसे बनाए रखना आर्थिक रूप से मुश्किल हो सकता है।
ऐसी स्थिति में कार के बाजार मूल्य, संभावित मरम्मत खर्च और स्क्रैप वैल्यू की तुलना करना उपयोगी है। लेकिन केवल उम्र के कारण अच्छी स्थिति वाली कार को स्क्रैप कराना हमेशा बेहतर विकल्प नहीं होता।
6. पर्यावरण और संसाधनों के पुनर्चक्रण में मदद
वाहनों में इस्तेमाल होने वाले स्टील, एल्युमिनियम और अन्य सामग्रियों को निर्धारित प्रक्रिया से अलग करके पुनर्चक्रित किया जा सकता है।
अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्रों पर तेल, कूलेंट, बैटरी और अन्य खतरनाक घटकों के सुरक्षित निपटान की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है। इससे अनुचित तरीके से वाहन तोड़ने और कचरा फैलाने से जुड़े जोखिम कम करने में मदद मिलती है।
पुरानी कार स्क्रैप कराने पर कितना पैसा मिलता है?
स्क्रैप वैल्यू की कोई एक निश्चित राशि नहीं है। यह वाहन के वजन, मॉडल, स्थिति, उपयोगी पुर्जों और स्थानीय बाजार की कीमत पर निर्भर करती है।
उदाहरण के लिए, एक ही मॉडल की दो कारों का वजन लगभग समान हो सकता है, लेकिन उनकी स्थिति और उपयोगी पुर्जों की कीमत अलग होने के कारण स्क्रैपिंग का भुगतान भी अलग हो सकता है।
स्क्रैप वैल्यू का मूल्यांकन करते समय ये बातें पूछें:
- वाहन के लिए कुल भुगतान कितना होगा?
- वाहन उठाने या परिवहन का खर्च कौन देगा?
- क्या किसी अन्य सेवा के लिए कटौती की जाएगी?
- भुगतान कब और किस माध्यम से मिलेगा?
- स्क्रैपिंग के बाद कौन-से प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे?
किसी अनधिकृत व्यक्ति को वाहन सौंपने के बजाय पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा का इस्तेमाल करना बेहतर है।
पुरानी कार बेचें या स्क्रैप कराएं?
हर पुरानी कार को स्क्रैप कराना जरूरी नहीं है। सही विकल्प उसकी स्थिति, कानूनी पात्रता और संभावित आर्थिक लाभ पर निर्भर करता है।
| तुलना का आधार | पुरानी कार बेचना | कार स्क्रैप कराना |
|---|---|---|
| मिलने वाली रकम | अच्छी स्थिति में अधिक हो सकती है | बाजार और वाहन की स्थिति पर निर्भर |
| वाहन की स्थिति | इस्तेमाल योग्य कार के लिए उपयुक्त | अनुपयुक्त या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त वाहन के लिए उपयोगी |
| प्रक्रिया | स्वामित्व हस्तांतरण और दस्तावेज | अधिकृत स्क्रैपिंग प्रक्रिया और प्रमाणपत्र |
| नई कार पर संभावित लाभ | केवल बिक्री से स्क्रैपिंग लाभ नहीं मिलता | पात्र CoD पर निर्धारित लाभ मिल सकते हैं |
| पर्यावरणीय प्रभाव | वाहन आगे इस्तेमाल हो सकता है | सामग्रियों के पुनर्चक्रण में मदद मिल सकती है |
कब पुरानी कार बेचना बेहतर है?
यदि आपकी कार अच्छी स्थिति में है, उसका रखरखाव ठीक है और उसे कानूनी रूप से बेचा जा सकता है, तो सामान्य बिक्री से स्क्रैप वैल्यू से अधिक रकम मिल सकती है।
बेचने से पहले समान मॉडल की बाजार कीमत देखें और स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करें। यदि वाहन किसी स्थानीय प्रतिबंध के अधीन है, तो खरीदार को उस स्थिति की जानकारी देना भी महत्वपूर्ण है।
कब स्क्रैप कराना बेहतर है?
स्क्रैपिंग पर विचार किया जा सकता है यदि:
- कार की मरम्मत का खर्च बहुत अधिक हो गया है।
- वाहन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त है।
- वाहन को कानूनी रूप से इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है।
- स्क्रैपिंग का लिखित मूल्यांकन और पात्र लाभ, अन्य विकल्पों की तुलना में अधिक उपयुक्त हैं।
निर्णय लेने से पहले संभावित बिक्री मूल्य, स्क्रैप वैल्यू और आने वाले खर्च की तुलना जरूर करें।
कार स्क्रैप कराने की प्रक्रिया क्या है?
भारत में पुरानी कार स्क्रैप कराने के लिए पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (RVSF) से संपर्क करें। सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी से आप अधिकृत सुविधा और संबंधित प्रक्रिया का पता लगा सकते हैं।
चरण 1: अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्र खोजें
भारत सरकार के वाहन स्क्रैपिंग पोर्टल पर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देखें।
केंद्र की पंजीकरण स्थिति और यह पुष्टि करें कि वह आपकी कार की श्रेणी स्वीकार करता है।
चरण 2: दस्तावेज तैयार करें
आमतौर पर इन दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ सकती है:
- वाहन का पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC)।
- पंजीकृत मालिक की पहचान संबंधी जानकारी।
- वाहन से जुड़े अन्य आवश्यक दस्तावेज।
- यदि वाहन पर लोन या हाइपोथिकेशन है, तो संबंधित वित्तीय संस्था के आवश्यक दस्तावेज।
सटीक दस्तावेजों की सूची संबंधित स्क्रैपिंग केंद्र से प्राप्त करें।
चरण 3: मूल्यांकन और भुगतान की शर्तें तय करें
वाहन की स्क्रैप वैल्यू और सभी शुल्कों की जानकारी लिखित रूप में लें। भुगतान की राशि, समय और तरीका स्पष्ट कर लें।
चरण 4: Certificate of Deposit प्राप्त करें
Certificate of Deposit (CoD) वाहन को स्क्रैपिंग के लिए जमा करने से संबंधित महत्वपूर्ण प्रमाणपत्र है। पात्र मामलों में नए वाहन पर लागू प्रोत्साहन का दावा करने के लिए इसकी आवश्यकता हो सकती है।
चरण 5: Certificate of Vehicle Scrapping प्राप्त करें
वाहन का अंतिम निपटान पूरा होने के बाद Certificate of Vehicle Scrapping (CVS) जारी किया जाता है। यह वाहन के स्क्रैप किए जाने का प्रमाण है।
CoD और CVS अलग-अलग उद्देश्य पूरा करते हैं। दोनों दस्तावेजों की भूमिका समझें और आवश्यक प्रमाणपत्र सुरक्षित रखें।
चरण 6: वाहन का रिकॉर्ड जांचें
स्क्रैपिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित परिवहन विभाग या आधिकारिक पोर्टल पर वाहन के रिकॉर्ड की स्थिति की पुष्टि करें। यदि रिकॉर्ड में कोई विसंगति हो, तो संबंधित केंद्र और प्राधिकरण से उसका समाधान कराएं।
अगर नई इलेक्ट्रिक कार खरीदनी है, तो क्या ध्यान रखें?
पुरानी कार स्क्रैप कराने के बाद नई गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो केवल स्क्रैपिंग छूट को आधार न बनाएं। नई कार की कीमत, वास्तविक उपयोग, चार्जिंग सुविधा और रखरखाव खर्च की भी तुलना करें।
इलेक्ट्रिक कार पर विचार करते समय ये बातें जांचें:
- एक बार चार्ज करने पर मिलने वाली वास्तविक रेंज।
- घर या कार्यस्थल पर चार्जिंग की सुविधा।
- सार्वजनिक चार्जिंग नेटवर्क की उपलब्धता।
- बैटरी वारंटी और सर्विस नेटवर्क।
- पेट्रोल या डीजल कार की तुलना में कुल इस्तेमाल लागत।
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- इलेक्ट्रिक वाहनों की माइलेज और रेंज को प्रभावित करने वाले कारक
- टेस्ला को कड़ी टक्कर देने वाली छोटी इलेक्ट्रिक कार
ये लेख नई कार चुनने के संदर्भ में उपयोगी अतिरिक्त जानकारी दे सकते हैं। हालांकि, स्क्रैपिंग लाभ और इलेक्ट्रिक कार खरीदने की लागत का मूल्यांकन अलग-अलग करें।
वाहन स्क्रैपेज नीति से जुड़ी आम गलतियां
पुरानी कार स्क्रैप कराने से पहले इन गलतियों से बचें:
- हर 15 साल पुरानी कार को अनिवार्य रूप से स्क्रैप मान लेना: लागू पंजीकरण, फिटनेस और स्थानीय नियम जांचें।
- निश्चित स्क्रैप वैल्यू की उम्मीद करना: निजी वाहन की कीमत बाजार पर निर्भर करती है।
- कर छूट को पूरे देश में समान समझना: राज्य के नियम और पात्रता महत्वपूर्ण हैं।
- अनधिकृत कबाड़ी को वाहन सौंपना: पंजीकृत सुविधा और दस्तावेजी प्रक्रिया को प्राथमिकता दें।
- CoD और CVS में अंतर न समझना: दोनों प्रमाणपत्रों की भूमिका अलग है।
- पुरानी छूट को वर्तमान ऑफर मान लेना: निर्माता और डीलर से नई शर्तों की पुष्टि करें।
- दिल्ली-NCR के नियमों को नजरअंदाज करना: वर्तमान न्यायिक आदेश और परिवहन विभाग के निर्देश देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. भारत की वाहन स्क्रैपेज नीति क्या है?
यह पुराने और अनुपयुक्त वाहनों के व्यवस्थित निपटान, सुरक्षित स्क्रैपिंग और उपयोगी सामग्रियों के पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने वाली सरकारी व्यवस्था है। पात्र वाहन मालिकों को निर्धारित आर्थिक प्रोत्साहन भी मिल सकते हैं।
2. क्या 15 साल पुरानी कार स्क्रैप करना अनिवार्य है?
पूरे भारत में सभी निजी कारों के लिए केवल 15 साल पूरे होने पर अनिवार्य स्क्रैपिंग का एक समान नियम नहीं है। RC की वैधता, नवीनीकरण, फिटनेस और स्थानीय प्रतिबंधों की जांच जरूरी है।
3. पुरानी कार स्क्रैप कराने पर कितने पैसे मिलते हैं?
इसकी कोई एक निश्चित सरकारी राशि नहीं है। भुगतान वाहन के वजन, स्थिति, उपयोगी सामग्री और बाजार मूल्य पर निर्भर करता है। अधिकृत केंद्र से लिखित मूल्यांकन लें।
4. क्या स्क्रैपिंग प्रमाणपत्र से नई कार पर टैक्स छूट मिलती है?
पात्र मामलों में मोटर वाहन कर में छूट मिल सकती है। केंद्रीय प्रावधानों में गैर-परिवहन वाहनों के लिए अधिकतम 25% और परिवहन वाहनों के लिए अधिकतम 15% तक छूट की सीमा है। वास्तविक लाभ संबंधित राज्य की अधिसूचना और पात्रता पर निर्भर करता है।
5. क्या नई कार के पंजीकरण शुल्क में भी छूट मिलती है?
पात्र Certificate of Deposit प्रस्तुत करने पर नए वाहन के पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करने के शुल्क में छूट का प्रावधान है। यह मोटर वाहन कर की छूट से अलग है।
6. दिल्ली-NCR में 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल कार के नियम क्या हैं?
दिल्ली-NCR में ऐसे पुराने वाहनों को लेकर विशेष न्यायिक निर्देश रहे हैं। बाद में अंतरिम राहत और संबंधित नियामकीय निर्देश भी जारी हुए। इसलिए वर्तमान स्थिति के लिए सुप्रीम कोर्ट के नवीनतम आदेश और दिल्ली परिवहन विभाग की अधिसूचनाएं जांचें।
7. क्या पुरानी कार बेचना बेहतर है या स्क्रैप कराना?
अच्छी स्थिति वाली और कानूनी रूप से बेची जा सकने वाली कार के लिए सामान्य बिक्री से अधिक रकम मिल सकती है। अनुपयुक्त या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त वाहन के लिए स्क्रैपिंग बेहतर हो सकती है। दोनों विकल्पों की आर्थिक तुलना करें।
8. कार स्क्रैप कराने के लिए कौन-से दस्तावेज चाहिए?
आमतौर पर RC, मालिक की पहचान संबंधी विवरण और वाहन के अन्य आवश्यक रिकॉर्ड मांगे जा सकते हैं। लोन या हाइपोथिकेशन होने पर अतिरिक्त औपचारिकताएं जरूरी हो सकती हैं।
9. अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र कैसे खोजें?
भारत सरकार के वाहन स्क्रैपिंग पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी देखें और संबंधित केंद्र की पंजीकरण स्थिति की पुष्टि करें।
निष्कर्ष: भारत की वाहन स्क्रैपेज नीति समझकर लें सही फैसला
भारत की वाहन स्क्रैपेज नीति पुराने और अनुपयुक्त वाहनों के सुरक्षित निपटान, सड़क सुरक्षा और संसाधनों के पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण है। वाहन मालिकों को स्क्रैप वैल्यू, पात्र नए वाहन पर मोटर वाहन कर में छूट और पंजीकरण शुल्क संबंधी राहत मिल सकती है।
लेकिन हर पुरानी कार को तुरंत स्क्रैप कराना आर्थिक रूप से सही फैसला नहीं होता। वाहन की स्थिति, संभावित बिक्री मूल्य, मरम्मत खर्च, पंजीकरण और स्थानीय कानूनी प्रतिबंधों की तुलना करना जरूरी है।
यदि आप अपनी कार स्क्रैप कराने की योजना बना रहे हैं, तो अधिकृत केंद्र से लिखित मूल्यांकन लें, प्रमाणपत्रों की भूमिका समझें और नई कार पर मिलने वाले लाभों की पुष्टि करें। दिल्ली-NCR में वाहन इस्तेमाल करने वाले मालिकों को विशेष रूप से नवीनतम न्यायिक आदेशों और परिवहन विभाग के निर्देशों की जांच करनी चाहिए।
सही जानकारी और उचित प्रक्रिया अपनाकर आप आर्थिक नुकसान से बच सकते हैं और अपनी पुरानी कार का जिम्मेदार तरीके से निपटान कर सकते हैं।
अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह के रूप में नहीं। वाहन स्क्रैपिंग, पंजीकरण और कर संबंधी नियम बदल सकते हैं। कोई भी निर्णय लेने से पहले संबंधित सरकारी अधिसूचनाओं, न्यायिक आदेशों और परिवहन विभाग के नवीनतम निर्देशों की पुष्टि करें।
अंतिम अपडेट: 9 अक्टूबर 2026
