क्या आपके दिन की शुरुआत और अंत मोबाइल फोन से होता है। अगर हां तो क्या आप जानते हैं कि Mobile Ka Avishkar kisne Kiya था। इसके अलावा मोबाइल फोन का आविष्कार किसने और कब किया था। अगर नहीं तो चलिए जानते हैं मोबाइल के आविष्कार से जुड़ी कुछ बातें और अन्य जानकारियां।
मोबाइल फोन आज के समय की जरूरत ही नहीं है। बल्कि लोगों के लिए यह मजबूरी भी बनकर रह गई है। यही कारण भी है जिसकी वजह से एक व्यक्ति कुछ घंटे भी बिना मोबाइल फोन के नहीं रह पाता। हमें कहीं जाना हो और रास्ता न पता हो तो मोबाइल पर मौजूद मैप का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा बोरियत होने पर म्यूजिक से लेकर वीडियो गेम खेलने तक के लिए हम सभी लोग मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं।
इसके अलावा सोशल मीडिया और दुनिया भर की ऐप्स हैं जो हमारे जीवन को आसान बना देते हैं। अगर आपको भूख लगी हो तो इन ऐप्स से खाना ऑर्डर हो सकता है। इसके अलावा हमारे सभी स्पेशल मोमेंट्स भी फोन के कैमरे के जरिए न केवल कैद हो जाते हैं। बल्कि हम उन्हें कभी भी देख सकते हैं। इसके अलावा भी ढेरों ऐसे काम हैं जो मोबाइल के जरिए किए जा सकते हैं। या फिर अगर यूं कहें कि शायद ही ऐसे कुछ काम होंगे जो मोबाइल के जरिए नहीं किए जा सकते हैं। ऐसे में आपके जेहन में भी यह सवाल जरूर उठता होगा कि Mobile Ka Avishkar kisne Kiya था। आइए विस्तार से जानते हैं कि मोबाइल का आविष्कार किसने और कब किया था।
मोबाइल का आविष्कार किसने किया। Mobile Ka Avishkar Kisne Kiya

आप में से ज्यादातर लोगों को यह लगता होगा कि मोबाइल का आविष्कार 1983 में हुआ था। लेकिन आपको बता दें कि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। बल्कि मोबाइल का आविष्कार इससे ठीक 10 साल पहले 3 अप्रैल 1973 में हुआ था। इस मोबाइल के जन्मदाता का नाम मार्टिन कूपर था जो उस समय मोटरोला कंपनी में काम किया करते थे। इस मोबाइल का नाम Motorola DynaTac रखा गया था।
ऐसा कहा जाता है कि मोबाइल का आविष्कार करने वाले मार्टिन कूपर ने फोन का आविष्कार करने के बाद सबसे पहले अपने प्रतिद्वंदी बैल लेबोरेटरी के इंजीनियर डॉक्टर Joel S. Engel को ही फोन किया था।
बताया जाता है कि विश्व का यह सबसे पहला फोन वजन में काफी भारी और दिखने में बेहद मोटा था। मोटोरोला के इस फोन की लंबाई किसी ईट जितनी यानी करीब 9 इंच थी। इसके अलावा इस फोन का वजन करीब 1.1 किलोग्राम हुआ करता था। यह फोन सेलुलर नेटवर्क की तकनीक पर ही काम किया करता था। एक बार इस फोन को चार्ज करने में करीब 10 घंटे का समय लग जाता था। वहीं एक बार चार्ज होने पर इससे केवल 30 मिनट ही बात की जा सकती थी।
मोबाइल का आविष्कार तो 1973 में हो गया था। लेकिन मोबाइल के अंदर मौजूद खामियों को दूर करने और इसकी उत्पादकता बढ़ाने के लिए इस पर और ज्यादा काम किया गया था। जिसमें करीब 10 साल का समय लग गया था। यही कारण रहा कि मोटोरोला के इस फोन को 1983 में लॉन्च किया गया। इस मोबाइल की कीमत बेहद ज्यादा रखी गई थी। फोन की कीमत करीब 2.80 रुपए के आसपास थी। इस मोबाइल की बैटरी करीब 6 घंटे तक चला करती थी। लेकिन अगर फोन पर किसी से बात की जा रही तो बैटरी केवल 30 मिनट तक ही चलती थी। इसके अलावा उस समय में भी इस फोन के अंदर 30 लोगों के फोन नंबर को स्टोर किया जा सकता था।
भारत में मोबाइल कब आया। When Mobile Launch in India

आपको बता दें कि भले ही मोबाइल फोन को बाजार में 1983 में लॉन्च कर दिया गया था। लेकिन तब यह केवल अमेरिका के बाजार में ही लॉन्च किया गया था। भारत में इसे एक और दशक लग गया था। भारत में यह मोबाइल सेवा 1995 में शुरू की गई थी। उस समय के केंद्रीय दूरसंचार मंत्री श्री सुखराम ने 31 जुलाई 1995 को वेस्ट बंगाल के मुख्यमंत्री श्री ज्योति बासु से मोबाइल पर बात की थी। हमारे देश की यह पहली मोबाइल कॉल थी। इसके बाद से ही कोलकाता में मोबाइल सेवा को आरंभ कर दिया गया था।
भारत की पहली मोबाइल सर्विस कंपनी
भारत में पहली मोबाइल सर्विस मोटी टेलस्ट्रा मोबाइल नेट द्वारा शुरू की गई थी। यह एक भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई टेलीकॉम दिग्गज कंपनी का ज्वाइंट वेंचर था। भारत के मोदी ग्रुप और ऑस्ट्रेलियाई कंपनी टेल्स्ट्रा ने यह वेंचर मिलकर शुरू किया था। उस समय भारत में केवल आंठ ही कंपनियों को सेलुलर सेवाएं प्रदान करने का लाइसेंस मिला था। जिसमें टेल्स्ट्रा कंपनी भी एक थी।
विश्व में कितने मोबाइल यूजर
आज के समय में मोबाइल यूजर कितने हैं इसका अनुमान लगाना भी बेहद मुश्किल है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि हर रोज न जाने कितने ही लोग अपना पहला फोन खरीद रहे हैं। फिर भी एक अनुमान के मुताबिक दुनियाभर में 519 करोड़ मोबाइल यूजर मौजूद हैं।
भारत में कितने मोबाइल यूजर
भारत में अगर मोबाइल फोन यूजर की बात करें तो आंकड़े बेहद हैरान कर देने वाले हैं। भारत में कुल 121 करोड़ लोग मोबाइल फोन यूज किया करते हैं। वहीं इनमें से स्मार्ट फोन यूजर की संख्या करीब 44 करोड़ है।
दुनिया में कितने तरह के फोन हैं

दुनिया भर में कुल तीन तरह के मोबाइल फोन इस्तेमाल किए जाते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
सेल फोन – यह एक ऐसा मोबाइल फोन है जो कुछ गिने चुने ही काम करता है। इस फोन के जरिए आप केवल किसी को कॉल और मैसेज कर सकते हैं। इसके अलावा इस फोन में नंबर स्टोर करने का विकल्प होता है और इसमें कुछ गेम भी होते हैं जिसे आप खेल सकते हैं।
फीचर फोन – यह फोन सेल फोन से कुछ ज्यादा फीचर्स देता है। इसके जरिए आप कॉल मैसेज के अलावा फोटो भी क्लिक कर सकते हैं। हालांकि इस फोन में किसी तरह की ऐप्स रन नहीं हो पाती।
स्मार्टफोन – आज भारत में ज्यादातर युवाओं और बच्चों के पास आपको यही मोबाइल फोन मिल जाएंगे। इन स्मार्ट फोन के जरिए आप अपने सभी काम कर सकते हैं। इसके जरिए आप अपने बिलों का भुगतान, टिकट बुक करना वीडियो कॉल, ईमेल आदि भी भेज सकते हैं।
निष्कर्ष
दोस्तों हमने अपने इस लेख में आपको बता दिया है कि Mobile Ka Avishkar Kisne Kiya था। इसके अलावा मोबाइल फोन से जुड़ी हुई कुछ अन्य जानकारियां भी आपके साथ साझा कर दी हैं। अगर आपको यह लेख पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।
Bluehost review: Is it the best web hosting service provider?
