क्या आपने आज तक कभी मिर्गी के दौरे के बारे में कुछ सुना है। अगर हां तो शायद तब भी आप Mirgi Ka Dora सुना होगा, लेकिन यह क्यों होता है, मिर्गी के दौरे के क्या लक्षण या क्या कारण है। इस बात की जानकारी आपको नहीं होगी। आपको बता दें कि मिर्गी को अंग्रेजी भाषा में Epilepsy कहा जाता है। यह एक तंत्रिका तंत्र संबंधी विकार है।
इस समस्या के दौरान व्यक्ति के मस्तिष्क की तंत्रिका कोशिका में किसी प्रकार की समस्या पैदा हो जाती है। सही समय पर मिर्गी का उपचार न कराने पर यह ब्रेन डैमेज भी कर सकता है। अगर आप आप भी मिर्गी के दौरे से राहत पाना चाहते हैं या इस मिर्गी के लक्षण, कारण और उपचार प्रक्रिया से जुड़ी किसी प्रकार की जानकारी हासिल करना चाहते हैं तो हमारे इस लेख को आगे तक जरूर पढ़ें। आज हम आपको अपने इस लेख में Mirgi Ka Dora से जुड़ी सारी जानकारी प्रदान करेंगे।
मिर्गी का दौरा क्या है – What is Mirgi ka Dora in Hindi

ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्हें लगता है कि मिर्गी एक संक्रमण हैं, लेकिन आपको बता दें ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। मिर्गी कोई संक्रमण नहीं है ना ही यह किसी मानसिक कमजोरी की वजह से होता है। दरअसल यह एक तंत्रिका संबंधी विकार है। इस रोग के दौरान मस्तिष्क में मौजूद नर्व सेल्स का काम प्रभावित होने लगता है जिसकी वजह से ही मिर्गी का दौरा आता है।
मिर्गी होने की एक वजह जेनेटिक भी हो सकती है। यानी अगर आपके घर परिवार में कोई इस रोग से पीड़ित है तो आपको यह समस्या हो सकती है। लेकिन राहत की बात यह है कि मिर्गी का संभव इलाज है। इसके बारे में हम आपको नीचे बताएंगे।
मिर्गी के दौरे के प्रकार – Types of Epilepsy or Mirgi ka Dora in Hindi

आज भी ज्यादातर लोग इस बात को नहीं जानते कि मिर्गी के दौरे के भी कई प्रकार होते हैं। आइए जानते हैं मिर्गी के दौरे के प्रकारों के बारे में।
आंशिक दौरा
मिर्गी में आंशिक दौरा सबसे आम होता है। इस दौरान व्यक्ति के दिमाग के एक हिस्से में ही केवल मिर्गी का दौरा पड़ता है। इसके अलावा आंशिक दौरे के भी दो प्रकार होते हैं।
- जटिल आंशिक दौरा – इस दौरे के दौरान व्यक्ति को अपनी सुध बुध नहीं रहती और वह बेहोश तक हो जाता है। होश में आने के बाद भी उसे यह याद नहीं रहता।
- सरल आंशिक दौरा – इस दौरे के दौरान व्यक्ति अपने होश में होता है।
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जर्नलाइज्ड दौरा
इस दौरे के दौरान व्यक्ति के मस्तिष्क के दोनों हिस्सों में गतिविधि बाधित हो जाती है। इससे मरीज की चेतना भी खत्म हो जाती है।
- एब्सेंस दौरा – इस स्थिति के दौरान व्यक्ति की चेतना थोड़े समय के लिए गायब हो जाती है और ऐसा लगता है कि मरीज अंतरिक्ष को ही घूर रहा है।
- क्लोनिक दौरा – यह दौरा एक समय के बाद लगने वाले झटके से संबंधित है।
- टॉनिक – क्लोनिक दौरा – इस दौरे के दौरान व्यक्ति का शरीर पूरी तरह कांपने लगता है या अकड़ जाता है।
- टॉनिक दौरा – इस दौरे के दौरान व्यक्ति मांसपेशियां बेहद कठोर हो जाती हैं और व्यक्ति नीचे गिर जाता है।
- एटोनिक दौरा – मांसपेशियों पर नियंत्रण नहीं होता और व्यक्ति जमीन पर गिर जाता है।
सेकेंडरी जर्नलाइज्ड दौरा
इस तरह के दौरे के दौरान व्यक्ति के मस्तिष्क में मिर्गी से जुड़ी गतिविधि शुरू हो जाती है और यह मस्तिष्क के दोनों हिस्सों तक फैल जाती है। जब दौरा बढ़ता है तो मरीज अपना होश खो बैठता है।
मिर्गी के दौरे के लक्षण – Symptoms of Epilepsy in Hindi

दोस्तों अगर मिर्गी का दौरा किसी को आ रहा हो तो इसमें कुछ समान लक्षण देखने को मिल सकते हैं। जो हम आपको नीचे विस्तार से बता रहे हैं।
मिर्गी के दौरे के लक्षण
- चक्कर आना
- स्वाद, गंद और दृष्टि में बदलाव होना।
- शरीर के अंगों में झनझनाहट होने लगती है।
- एक ही स्थान पर नजर टिका कर रखना।
- एक ही तरह के काम को बार – बार दोहराते रहते हैं।
- शरीर में अकड़न, आंत्र नियंत्रण, जीभ को काटना आदि।
- मांसपेशियों पर से पूरी तरह नियंत्रण खो देना।
- चटकारे लेना और आंखें बार बार झपकना
- मांसपेशियों में अकड़न की समस्या पैदा हो जाना।
- किसी तरह की प्रतिक्रिया ना देना।
- पैरों में झनझनाहट महसूस होना।
- हाथ और पैरों में तेज झनझनाहट महसूस होना।
मिर्गी होने का कारण – Causes of Epilepsy in Hindi

मिर्गी जैसे रोग की कई वजह या कारण हो सकते हैं। जो कुछ इस प्रकार हैं।
- मिर्गी की समस्या किसी व्यक्ति को जेनेटिक या फैमिली हिस्ट्री की वजह से भी हो सकती है।
- अगर किसी बच्चे को मां के गर्भ में ही सिर पर चोट लग गई हो तो उसे भी मिर्गी का दौरा पड़ सकता है। आपको बता दें कि मिर्गी का दौरा मस्तिष्क से संबंधित होता है।
- मस्तिष्क से जुड़े कई दूसरे रोग जैसे ब्रेन ट्यूमर, और स्ट्रोक की समस्या भी मिर्गी के दौरे को पैदा कर सकती है।
- किसी दुर्घटना में सिर पर चोट लगने की वजह से भी मिर्गी के दौरे की समस्या पैदा हो सकती है।
- अगर मानसिक विकास सही प्रकार न हुआ हो तो भी यह मिर्गी की समस्या कारण बन सकता है।
मिर्गी के घरेलू उपाय – Home Remedies of Epilepsy in Hindi

मिर्गी के घरेलू उपाय यूं तो मरीज की स्थिति पर ही निर्भर करते हैं। वहीं यह उपाय एक व्यक्ति इलाज के साथ भी जारी रख सकता है। इसके लिए बस किसी विशेषज्ञ की राय लेनी होगी।
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मिर्गी के उपाय
- एक सही डाइट के जरिए मिर्गी की समस्या को कम किया जा सकता है। इसमें हाई प्रोटीन, और गुड फैट युक्त पदार्थों का सेवन करना होता है।
- तनाव और अवसाद से जुड़ा उपचार कराकर या खुद को आराम देकर भी मिर्गी की समस्या को समाप्त किया जा सकता है।
- अल्कोहल या नशीले पदार्थों का सेवन करके भी आप आसानी से इस समस्या से निपट सकते हैं।
- विटामिन बी6, विटामिन ई और मैग्नीशियम के सप्लीमेंट्स लेकर भी मिर्गी की दिक्कत को दूर करा जा सकता है।
- योग, मेडिटेशन, और कुछ एसेंशियल तेल से मसाज करने पर भी मिर्गी के दौरे को कम किया जा सकता है।
मिर्गी का इलाज – Treatment of Mirgi ka Dora in Hindi

अगर बताए गए उपाय के जरिए भी आपको मिर्गी के दौरों से छुटकारा नहीं मिलता तो आपको डॉक्टर के पास जाकर इसकी उपचार प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। डॉक्टर आपको इसमें कई थेरेपी, होम्योपैथिक, एलोपैथिक दवा, और आयुर्वेदिक दवा लेने की सलाह दे सकते हैं।
निष्कर्ष
दोस्तों हमने अपने इस लेख में आपको Mirgi Ka Dora या Epilepsy से जुड़ा जानकारी दे दी है। अब अगर आप मिर्गी की समस्या से पीड़ित हैं तो आप बताए गए उपाय किसी डॉक्टर की निगरानी में अपना सकते हैं। इसके अलावा कुछ दवाओं और उपचार प्रक्रिया का भी पालन कर सकते हैं। अगर आपको यह लेख पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
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क्या मिर्गी के दौरे का संभव इलाज है?
हां, मिर्गी की समस्या का संभव इलाज है, आपको केवल इसके लिए डॉक्टर से संपर्क करना होगा।
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क्या मिर्गी की समस्या जेनेटिक भी हो सकती है?
हां, यह समस्या किसी व्यक्ति को जेनेटिक की वजह से भी हो सकती है।
-
क्या मिर्गी के संक्रमण है ?
नहीं, यह एक संक्रमण नहीं है। बल्कि एक मानसिक विकार है।
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क्या यह रोग मस्तिष्क की चोट की वजह से हो सकता है?
हां, मिर्गी की समस्या मस्तिष्क की चोट की वजह से भी हो सकता है।
