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एक मुद्दत से आरज़ू थी
फुरसत की …
मिली , तो इस शर्त पे कि
किसी से ना मिलो ..!!
हम कहते थे मरने तक की फुर्सत नहीं है
आज मरने के डर से फुर्सत में बैठे हैं
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