मुझे मेरे हिन्दू होने पर नाज है तुझे तेरे मुस्लिम होने पर नाज है लेकिन राम मेरा भी मुझसे नाराज है और खुदा तेरा भी तुझसे नाराज है पाप मैंने …
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वो कहता है कि थाली बजाओ, भाई लोग परातें फोड़ देते हैं। वो कहता है दिए जलाओ, भाई लोग बम पटाखे फोड़ देते हैं। ये परम्परा अनादि काल से चली …
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एक मुद्दत से आरज़ू थी फुरसत की … मिली , तो इस शर्त पे कि किसी से ना मिलो ..!! हम कहते थे मरने तक की फुर्सत नहीं है आज …
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ना थके कभी पैर ना कभी हिम्मत हारी है जज्बा है परिवर्तन का ज़िंदगी में इसलिये सफर जारी है| “मन” सभी के पास होता है.. मगर “मनोबल” कुछ लोगों के …
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भारत माता सिसक रही हैं,तुम सब की नादानी पर, तुम जमीर को बेच दिए, केवल बिजली व पानी पर ।। तुम बोले मंदिर बनवाओ, ‘उसने’ काँटा साफ किया, और तीन …
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उम्र चालीस पार है लेकिन शक्ल हमारी तीस के जैसी मुझको uncle कहने वाले, धत्त तुम्हारी ऐसी तैसी बेटी के स्कूल गया तो, टीचर देख मुझे मुस्कुराई बोली क्या मेंटेंड …
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ना किसी के ख्वाबो मे मिलेंगे, ना किसी के अरमान मे मिलेंगे, तु हमेशा आ जाना प्रिये हम हमेशा दुकान मे मिलेंगे, *गर्मी, सर्दी, बरसात यूँ ही गुजर जाती है, …
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पड़ें डंडे जो सर्दी में तो हर धरने का दम निकले बहुत निकले थे पहले लोग इस जुम्मे को कम निकले सहर होते ही दिल्ली और यू पी की पुलिस …