भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए यह दशक होगा सुनहरा

by Divyansh Raghuwanshi
174 views

भारतीय अर्थव्यवस्था इस दशक में काफी तेजी से उन्नति करेगी। इंफ्रास्ट्रक्चर में सबसे अधिक निवेश भारत में होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर से डिविडेंड डिसटीब्यूशन टैक्स खत्म हो जाने के बाद दुनिया के बड़े पेंशन फंड देश के इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश की रुचि दिखा रहे हैं। बड़े पैमाने पर निवेश से सीमेंट, स्टील और मशीनरी को रफ्तार मिल रही है। अगले 10 वर्षो में 125 लाख करोड़ रुपए का निवेश इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में आएगा। भारतीय अर्थव्यवस्था में काफी तेजी आएगी।

सोलर एनर्जी का उत्पादन

भारत में सोलर एनर्जी का उत्पादन की मांग तेजी से बढ़ रही हैं। 2018 में भारत इंस्टाल्ड केपेसिटी में दुनिया में पांचवें नंबर पर था। उसके दूसरे ही साल 2019 में भारत का नंबर तीसरे स्थान पर आ गया। भारत इस दशक में दुनिया को न सिर्फ सोलर पीवी सप्लाई करेगा, बल्कि भारत में सोलर पार्क स्थापित करने में भी बड़ी भूमिका अदा करेगा। भारत सोलर में आयात रोकेगा और निर्यातक देश बनेगा। अभी सोलर प्लांट में इस्तेमाल होने वाली सोलर पीवी के लिए भारत आयात पर निर्भर रहा है। देश में 16 टीवी की उत्पादन बढ़ाने के लिए अगले वर्षों में पीएलआई योजना के तहत मैन्युफैक्चरिंग को 4500 करोड़ रुपए का प्रोत्साहन दिया जाएगा। भारत में सोलर एनर्जी के क्षेत्र में काफी तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। अगले 10 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था बनेगी।

एग्रीकल्चर से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत

भारत में तेजी से सिंचाई की सुविधा वेयरहाउस और कोल्ड स्टोरेज बढ़ रहे हैं। इसके लिए भारत सरकार ने 10 हजार करोड रुपए से भी अधिक की पीएलआई योजना शुरू की है। इससे एग्रीकल्चर इस दशक में ग्रोथ इंजन बनेगा। यूनाइटेड नेशंस के फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार भारत में उत्पादित खाद्य पदार्थों में से 40% रखरखाव के अभाव में खराब हो जाते हैं। इनकी बर्बादी रोकने के लिए कृषि की जीडीपी में एक लाख करोड़ रुपए जुड़ सकते हैं। भारत सरकार एग्रीकल्चर के क्षेत्र में काफी महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। एग्रीकल्चर के क्षेत्र में प्रोत्साहन योजना में इस उत्पादन को शामिल किया है। देश एग्रीकल्चर के क्षेत्र में तेजी से उन्नति करेगा।

भारत का फार्मा बाजार

इस दशक में फार्मा के क्षेत्र में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाजार होगा। दुनिया का फार्मेसी कैपिटल भारत कहा जाता है। दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फार्मा मार्केट भारत में है। कोरोनावायरस ने महामारी में वैक्सीन के क्षेत्र में दुनिया में भारत की ताकत को देखा है। अगले 10 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था ना केवल दुनिया की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था होगी बल्कि जापान, जर्मनी और ब्रिटेन को पीछे छोड़ तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी। तेजी से सर्विस सेक्टर की वजह से नहीं बल्कि मैन्युफैक्चरिंग की वजह से भारत में अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी।

इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादक देश

भारत दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बना है। भारत में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मांग काफी तेजी से बढ़ रही है जिसके कारण उत्पादन में तेजी आ रही है। 4 वर्षों में यह सेक्टर 16 फ़ीसदी से अधिक की दर से बढ़ा है। देश में तेजी से इलेक्ट्रॉनिक्स के छेत्र में उन्नति हो रही है। इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग कारोबार इस दशक में तेजी से बढ़ रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर एग्रीकल्चर तक दुनिया में भारत का दम दिखेगा। यह दशक भारत के नाम होगा 10 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था बन जाएगी। 

 

समृद्ध किसान और सशक्त सरकार

SAMACHARHUB RECOMMENDS

Leave a Comment