जिंदगी और मौत इक सफर के दो छोर जिंदगी चलती रहती अनवरत मौत की ओर कौन सा रस्ता, कौन सी मंजिल ढूंढते रहते हैं हम जिंदगी भर जीवन भी उसका …
Heading Title
-
-
मुझे मेरे हिन्दू होने पर नाज है तुझे तेरे मुस्लिम होने पर नाज है लेकिन राम मेरा भी मुझसे नाराज है और खुदा तेरा भी तुझसे नाराज है पाप मैंने …
-
आज ये प्रण ले सब हीं कोरोना से देश बचाना है सयम और संकल्प को हीं अब हथियार बनाना है मास्क पहंन कोई कुछ भी बोलो, बार बार हाथो को …