जानिए भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु के बारे में

by Divyansh Raghuwanshi
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pv sindhu 1566738125पीवी सिंधु का पूरा नाम पुसरला वेंकट सिंधु है। पीवी सिंधु का जन्म आंध्र प्रदेश के शहर हैदराबाद में 5 जुलाई 1995 को हुआ था। वह भारत की बहुचर्चित महिलाओं में से एक हैं। सिंधु ने 8 वर्ष की उम्र में ही रैकेट थाम लिया था। उन्होंने तभी से यह तय कर लिया था कि वह ओलंपिक में जाएंगी और उन्होंने ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला भी बन कर दिखाया है। वह वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक (2019 मे) जीतने वाली भारत की पहली महिला हैं। सिंधु ने फाइनल में जापान की बैडमिंटन प्रसिद्ध खिलाड़ी नोजोमी ओकुहारा को मात दी थी। इससे पहले महिला वर्ग में यह चैंपियनशिप भारत में से किसी ने नहीं जीती थी और ना ही पुरुष वर्ग में यह अभी तक चैंपियनशिप किसी ने नहीं जीती है। यह चैंपियनशिप जीतते के बाद देश की विभिन्न चर्चित हस्तियों ने उनकी तारीफ की जैसे- देश के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति इत्यादि।

निरंतर प्रयास और जीत ही ली वर्ल्ड चैंपियनशिप

सिंधु की 2019 की वर्ल्ड चैंपियनशिप में फाइनल का मुकाबला लगभग 37 मिनट चला। जापान की खिलाड़ी ओकुहारा को फाइनल में 21-7, 21-7 से पराजित किया था। सिंधु ने नोजोमी को हराकर अपने करियर की सबसे बड़ी जीत हासिल की है। इससे पहले 2017 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिंधु ओकुहारा से ही हारी थी। इसका बदला उन्होंने 2019 में लिया। सिंधु को लगातार 2 वर्षों तक दो बार फाइनल मुकाबला खेलने के बाद तीसरे वर्ष चैंपियनशिप में जीत मिली है। सिंधु निरंतर प्रयास करती रही और उन्होंने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा। आखिरकार कठिन परिश्रम के बाद उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप मे स्वर्ण पदक जीत ही लिया। सिंधु दुनिया में चौथी महिला हैं जिन्होंने महिला एकल वर्ग में वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है।

सिंधु ने दिया मां को बर्थडे गिफ्टpv sindhu mother

सिंधु ने जिस दिन वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती थी, उस दिन उनकी मां का बर्थडे था। जो ट्रॉफी व पदक सिंधु ने जीता, वह उन्होंने अपनी मां को गिफ्ट के तौर पर दी थी। यह मां और बेटी की प्यार की बहुत बड़ी निशानी है। इससे समाज के लोगों को यह संदेश दिया गया कि बेटियां भी किसी से कम नहीं होती हैं। सिंधु ने एक भाषण में कहा “बेटियां हर उस काम को कर सकती हैं, जो लड़के करते हैं”। इसलिए बेटियों को कभी पीछे मत रहने दीजिए हमेशा आगे की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करें। देश के हर माता-पिता को देश की इस बेटी से प्रेरणा लेनी चाहिए। जब देश की एक बेटी ऐसा कर सकती है, तो अन्य बेटियां क्यों नहीं कर सकती इसलिए बेटियों को कभी कम नहीं आंकना चाहिए।

साइना नेहवाल से प्रेरणा ली

भारतीय सुप्रसिद्ध बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल सिंधु की बहुत बड़ी प्रेरणा स्त्रोत हैं। साइना नेहवाल भी भारत की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक है। इस कारण से सिंधु भी साइना से प्रेरणा लेती हैं। साइना नेहवाल ने वर्ल्ड चैंपियनशिप 2013 और 14 में कांस्य पदक जीता है। इसके अलावा अन्य प्रकार की प्रतियोगिता में भी भाग लेकर विजेता रही हैं।

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