1947 में देश स्वतन्त्र होने के बाद 15 अपै्रल, 1948को हिमाचल प्रदेश का एक केन्द्र शासित प्रदेश के रूप में गठन हुआ। तब इसे एक दूरदर्शी तथा राजनीतिक सूझबूझ वाले …
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1 अगस्त/पुण्य-तिथि हिन्दी में ग्रामीण पृष्ठभूमि पर सामाजिक समस्याओं को जाग्रत करने वाले उपन्यास लिखने के लिए जहाँ प्रेमचन्द को याद किया जाता है; वहाँ जासूसी उपन्यास विधा को लोकप्रिय …
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जुलाई/पुण्य-तिथि भारत में 19वीं शती में जिन लोगों ने सामाजिक परिवर्त्तन में बड़ी भूमिका निभाई, उनमें श्री ईश्वरचन्द्र विद्यासागर का नाम बड़े आदर से लिया जाता है। उनका जन्म 26 …
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उपन्यास सम्राट प्रेमचंद का मूल नाम धनपतराय था। उनका जन्म ग्राम लमही (वाराणसी, उ.प्र.) में 31जुलाई, 1880 को हुआ था। घर में उन्हें नवाब कहते थे। उत्तर प्रदेश तथा दिल्ली …
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भारत में सैकड़ों भाषाएं तथा उनके अन्तर्गत हजारों बोलियां व उपबोलियां प्रचलित हैं। हिन्दी की ऐसी ही एक बोली भोजपुरी है, जो पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा बिहार के बड़े भाग …
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गुजरात में ‘विश्व हिन्दू परिषद’ के पर्याय बने श्री केशवराम शास्त्री का जन्म 28 जुलाई, 1905 को हुआ था। उनके पिता का नाम श्री काशीराम था। धार्मिक परिवार में जन्म …
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श्री कृष्णराव एवं श्रीमती इंदिरा के सबसे बड़े पुत्र मुरलीधर कृष्णराव (बाबूराव) चौथाइवाले का जन्म 27 जुलाई, 1922 को बारसी (जिला सोलापुर, महाराष्ट्र) में हुआ था। यह परिवार मूलतः यहीं …
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अपने उपन्यासों की विशिष्ट शैली एवं कथानक के कारण बहुचर्चित कन्नड़ साहित्यकार डा. एस.एल. भैरप्पा का जन्म 26 जुलाई, 1931 को कर्नाटक के हासन जिले के सन्तेशिवर ग्राम के एक …
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1947 से पूर्व भारत में राजे-रजवाड़ों का बोलबाला था। कई जगह जनता को अंग्रेजों के साथ उन राजाओं के अत्याचार भी सहने पड़ते थे। श्रीदेव ‘सुमन’ की जन्मभूमि उत्तराखंड के …