भारतीय काव्य-क्षेत्र के तेजस्वी नक्षत्र माइकेल मधुसूदन दत्त का जन्म 25 जनवरी, 1824 को ग्राम सागरदारी (जिला जैसोर, बंगाल) में हुआ था। आजकल यह क्षेत्र बांग्लादेश में है। इन्हें 19 …
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यदि कोई यह पूछे कि वह कौन युवा संन्यासी था, जिसने विश्व पटल पर भारत और हिन्दू धर्म की कीर्ति पताका फहराई, तो सबके मुख से निःसंदेह स्वामी विवेकानन्द का …
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भारत की आजादी के लिए भारत में हर ओर लोग प्रयत्न कर ही रहे थे; पर अनेक वीर ऐसे थे, जो विदेशों में आजादी की अलख जगा रहे थे। वे …
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अनेक भारतीय ऐसे हैं जिन्हें विदेशों में तो सम्मान मिलता है; पर अपने देशवासी उन्हें प्रायः स्मरण नहीं करते। डा. राधाविनोद पाल वैश्विक ख्याति के ऐसे ही विधिवेत्ता तथा न्यायाधीश …
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा पर खेल, व्यायाम, आसन, चर्चा आदि के माध्यम से संस्कार देने का सफल प्रयोग चलता है। इनमें वहाँ गाये जाने वाले गीतों की भूमिका भी …
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फिल्म जगत में देशभक्तिपूर्ण गीतों की बात चलने पर महेन्द्र कपूर का धीर-गंभीर स्वर ध्यान में आता है। यों तो उन्होंने लगभग सभी रंग के गीत गाये; पर उन्हें प्रसिद्धि …
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प्रायः हर व्यक्ति में कुछ न कुछ गुण एवं प्रतिभा होती है। संघ की शाखा में आने से ये गुण और अधिक विकसित एवं प्रस्फुटित होते हैं। शाखा एवं अन्य …
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श्री बद्रीलाल दवे का जन्म एक जनवरी, 1901 को बड़नगर (उज्जैन, म.प्र.) में हुआ था। वे सब ओर ‘दा साहब’ के नाम से प्रसिद्ध थे। अपनी शिक्षा पूर्ण कर कुछ …
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श्रमिकों के हित के लिए प्रदर्शन और आन्दोलन तो कई लोग करते हैं; पर ऐसे व्यक्तित्व कम ही हैं, जिन्होंने इस हेतु अच्छे वेतन और सुख सुविधाओं वाली नौकरी ही …